आसमानी किताबो का बयान

               आसमानी किताबो का बयान 


 सवाल - आसमान से कितनी किताबें और सहीफ़े ( छोटी किताबें ) नाज़िल हुऐ ( उतरे ) ? 

 जवाब - चार मुकद्दस किताबें और 100 सहीफ़े नाज़िल हुऐ ।
                  ( ख़ाज़िन 1 पेज 169 , तकमीलुलईमान पेज 10 ) 

सवाल – किस नबी पर कौनसी किताब नाज़िल हुई ?

 जवाब – “ तौरेत ” हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम पर , " जुबूर " हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम पर , " इन्जील " हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम पर और " कुरान " मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे  वसल्लम पर नाज़िल हुआ ।
                                            ( तकमीलुल ईमान पेज 10 ) 

 सवाल - किस नबी पर कितने सहीफ़े नाज़िल हुऐ ?

 जवाब - हज़रत आदम अलैहिस्सलाम पर दस , हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम पर दस हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम पर तीस , हज़रत शीस अलैहिस्सलाम पर पचास सहीफे नाज़िल हुऐ ।
              ( ख़ाज़िन 1 पेज 169 अशिअतुल लमआत 1 पेज 40 )

सवाल - तौरेत किस तारीख़ में नाज़िल हुई ? 

जवाब- छः रमज़ान को नाज़िल हुई ।  
             ( अलइतक़ान 1 पेज 41 , फुतावा हदीसिया पेज 169)

 सवाल - किस -जुबान मे नाज़िल हुई ? 

जवाब- सुरयानी जुबान में ।
                  ( ज़रक़ानी 1 पेज 214 , अलमलफूज़ 4 पेज 14 )

 सवाल – तौरेत शरीफ़ में कितनी सूरतें थीं ? 

जवाब - एक हज़ार सूरतें और हर सूरत में एक - एक हज़ार आयतें थीं ।                                    ( ख़ज़ाइन पेज 460 )

सवाल - तौरात शरीफ की ज़ख़ामत ( मोटाई और वज़न ) क्या थी ? 

जवाब - सत्तर ऊटों के बोझ के बराबर , उसके एक हिस्से की तिलावत ( पढ़ना ) एक साल में मुकम्मल होती थी । - 
( आशिअतुललमआत पेज 89 , ख़ाज़िन व मआलिम 2 पेज 236 ) 

सवाल - कितने हज़रात हैं जो तौरेत शरीफ़ के हाफ़िज़ हुऐ ? 

 जवाब – सिर्फ चार पैग़म्बर हैं जो तौरात शरीफ़ के हाफ़िज़ हुऐ और याद भी रखा ( 1 ) हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ( 2 ) हज़रत यूशअ बिन नुन ( 3 ) हज़रत उज़ैर ( 4 ) हज़रत ईसा अलैहिमुस्सलाम ।
 ( सावी 2 पेज 85 , ख़ाज़िन व मआलिम , 2 पेज 236 ) 

सवाल - ज़बूर किस तारीख़ में नाज़िल हुई ? 

जवाब अठारह रमज़ान को ।
                 ( अलइतक़ान 1 पेज 41 ) फुतावा हदिया पेज 169 )

सवाल - किस जुबान में नाज़िल हुई ?

 जवाब - इब्रानी जुबान में । ( उम्दतुल कारी 1 पेज 35 ) 

सवाल - जुबूर में कितनी सूरतें थीं ? 

जवाब – एक सौ पचास सूरतें थीं जिनमें सिर्फ दुआ और
 अल्लाह की हम्द व तारीफ़ थी । न तो इसमें हलाल व हराम का बयान था और न फ़रज़ों और हदों का ज़िक।
          ( ख़ाज़िन 2 पेज 519 , अलइतक़ान जिल्द 1 पेज 66 ) 

 सवाल - इन्जील किस तारीख़ में नाज़िल हुई ?

 जवाब – तेरह रमज़ान में ।
          ( अलइतक़ानं 1 पेज 41 , फ़तावा हदीसया पेज 169 )

 सवाल - किस जुबान में नाज़िल हुई ? 

जवाब इबरानी जुबान में । 
                 ( जरकानी 1 पेज 214 , अलमलफूज़ 4 पेज 14 ) 

सवाल - कुरान किस तारीख में नाज़िल हुआ ?

 जवाब – लौहे महफूज़ से आसमाने दुनिया की तरफ़ उसका नुजूल ( उतरना ) रमज़ान शरीफ की 27 तारीख में हुआ फिर वहाँ से ज़रुरत के मुताबिक थोड़ा - थोड़ा नाज़िल होता रहा । 
                     ( ख़ज़ाइन 872 ) ( रुहुलबयान 4 पेज 681 ) 

सवाल – फिर दुनिया के आसमान से कितने साल में मुकम्मल नाज़िल हुआ ?

 जवाब - 23 साल में । ( सावी 1 पेज 3 , ख़ाज़िन 1 पेज 131 ) 

सवाल - क्या कुरान पाक का आना सिर्फ हज़रत जिब्राईल के वास्ते से हुआ या दूसरे फरिश्तों के ज़रीऐ भी हुआ ?

 जवाब - सिर्फ हज़रत जिब्राईल के वास्ते से हुआ दूसरा कोई फ़रिश्ता कुरान लेकर नहीं उतरा । 
( मवाहिब लदुिन्नया 1 पेज 44 , अलइतकान 1 पेज 45 ) 

सवाल - कुरान के नाज़िल होने की इब्तेदा किस तारीख़ से हुई ? 

जवाब - सत्तरह रमज़ान पीर के दिन से ।
                 ( ज़रकानी 1 पेज 207 , नुरुल अबसार पेज 11 )

 सवाल - सबसे पहले कौनसी आयत उतरी ? 

जवाब - इकुरा बिस्मि रब्बिक ।
                          ( अलइतक़ान 1 पेज 23 , सावी 1 पेज 3 ) 

सवाल - सबसे आख़िरी आयत कौनसी उतरी ? 

जवाब - वत्तकू यौमनं तुरजऊन फीहि इलल्लाह । 
                          ( अलइतक़ान 1 पेज 23 , सावी 1 पेज 3 ) 

सवाल - कुरान में कितनी सूरतें हैं ? 

जवाब - एक सौ चौदह सूरतें हैं । ( अलइतकान 1 पेज 64 )

   सवाल - इसमें कितनी सूरतें मक्की और कितनी सूरतें मदनी हैं ?

 जवाब - तिरासी सूरतें मक्की और इकत्तीस सूरतें मदनी हैं ।
                                          ( सावी 1 पेज 3 ) 

 सवाल - नबियों के नाम से कितनी सूरतें हैं ?

 जवाब - छः सूरतें हैं ( 1 ) सूरऐ यूनुस ( 2 ) सूरऐ हूद ( 3 ) सूरऐ यूसुफ ( 4 ) सूरए इब्राहीम ( 5 ) सूरए नूह ( 6 ) सूरए मुहम्मद । ( कुराने मुक़द्दस ) सवाल - कुरान में कितनी आयतें हैं ? जवाब - इस बारे में चन्द क़ौल हैं लेकिन मुफ़स्सिरों के सरदार हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास से रिवायत है कि छः हज़ार छः सौ सोलह आयतें हैं ।
                                               ( इतकान 1 पेज 67 ) 
नोटः- इमाम अहमद रज़ा फ़ाज़िले बरेलवी ने कन्जुलईमान में छ : हज़ार दो सौ छत्तीस शुमार की हैं । 

सवाल - कुरान में कितने कलमे हैं ? 

जवाब - - 77 , 9 , 34 ( अलइतकाना 1 पेज 67 ) 

सवाल- कुरान में कितने हुरुफ़ हैं ? 

जवाब- तीन लाख तेइस हज़ार छ : सौ इक्हत्तर ( 323671 )
                        ( अलइतकान 1 पेज 70 )

सवाल - कुरान की सूरतों में यह तर्तीब किसने दी ? 

जवाब - यह तर्तीब तोक़ीफ़ी है यानी अल्लाह की जानिब से और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम से साबित है , और यह ख़ास लौहे महफूज़ के मुताबिक है । रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम हर साल रमज़ान शरीफ़ में इसी तर्तीब पर हज़रत जिबराईल से कुरान का दौर फ़रमाते थे । 
                    ( अलइतक़ाना 1 पेज 62 जुमल 1 पेज 8 ) 

सवाल - आयतों में यह तरतीब किसने दी ? 

जवाब - यह तर्तीब भी तौक़ीफ़ी हे यानी अल्लाही की वही और हुजूर अनवर सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम के मुताबिक आयतों को तर्तीब वार रखा गया । यही तर्तीब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम से नक़ले मुतवातिर ( सिलसिलेवार ) के साथ साबित है नबी - ए - करीम सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम सहाब - ए - किराम को आयतों के बारे में हुक्म देते थे कि फलाँ आयत फ़लाँ जगह लिखो , फलाँ जगह फुलाँ आयत लिखो ।
 ( अतइतक़ान 1 पेज 16 , उम्दतुलकारी 3 पेज 100 ) जुमल 1 पेज 8 

सवाल - कुरान मुक़द्दस में एराब ( ज़बर , ज़ेर , पेश , जज़्म ) किसने लगाऐ ? 

जवाब-  अबुल असवद दोयली ने लागाए , मगर उस वक़्त ज़बर , ज़ेर , पेश वगैरा की शकलें यह न थीं जो आज हैं , उन्होंने नुकतों से ही ज़बर ज़ेर , पेश का काम लिया । फर्क यह था कि एराब वाले नुक़तों के लिये उस रंग की रोशनाई न होती जिस रंग से कुरान लिखा होता बल्कि उसके लिये अलग रंग की रोशनाई इस्तेमाल करते थे । ज़बर के लिये हर्फ़ पर एक नुकता , ज़ेर के लिये हर्फ के नीचे एक नुकता , पेश के लिये हर्फ के
अन्दर एक नुक़ता और तश्दीद के लिये दो नुकते मुक़र्रर किये फिर खलील बिन अहमद फराहीदी ने तशदीद , मद , वक़्फ़ , जज़्म , वस्ल और हरकतों की निशानियाँ लगाई । और ज़बर , ज़ेर पेश की सूरतें बनाई जो आज मौजूद हैं ।

 सवाल - कुरान में नुकते किसने लगाऐ ? 

जवाब हज्जाज बिन यूसुफ़ सक़फ़ी के हुक्म से नसर  बिन आसिम। लेसी और यहया बिन यामर ने लगाए । 
                                    ( रुहुलबयान जिल्द 4 पेज 65 ता 66 )
( रुहुलबयान 4 पेज 66 ) ( शरह शिफा 2 पेज 335 )

 सवाल - नुकते किस सन में लगाऐ गये ? 

जवाब - 86 हिजरी में 1 ( आईनऐ तारीख़ पेज 22 ) 

सवाल – हज़रत उसमान ग़नी रदियल्लाहु अनहु ने कुरान पाक के कितने नुस्ख़े तैयार कराऐ ?

 जवाब - मशहूर यह है कि पाँच नुस्ख़े तैयार कराऐ , लेकिन अबुदाऊद फरमाते हैं कि मैंने अबु हातिम सजिस्तानी से सुना के सात नुस्ख़े तैयार कराऐ थे जो अलग - अलग इलाकों में भेजे गऐ । एक नुस्ख़ा मक्का शरीफ़ मुल्के शाम एक यमन एक बहरैन एक कूफ़ा एक बसरा , और एक नुस्ख़ा मदीना शरीफ़ ही में महफूज़ रखा गया था । 
( अशिअतुललमआत 2 पेज 164 , अलइतक़ान जिल्द 1 पेज 81 )

सवाल - कुरान मुक़द्दस के कितने नाम हैं ? 

जवाब - कुल नामों की तादाद तो अल्लाह और रसूल जाने , अलबत्ता इमाम फ़ख़्रुद्दीन राज़ी ने 32 नाम शुमार किये हैं । 
                                       ( तफ़सीर कबीर 1 पेज 241 ) 

सवाल - कुरान पाक का सबसे पहले फ़ारसी जुबान में तर्जुमा किसने किया है।

जवाब - शेख सक्षूदी ने । - ( आईनए तारीख़ पेज 40 )

 सवाल - कुरआने पाक का सबसे पहले उर्दू जुबान में तर्जुमा किसने किया ?

 जवाब शाह शफ़ीउद्ददीन ने 1774 ई ० में किया । 
( आइनए तारीख़ पेज 40 ) 

सवाल कुरान पाक में कितनी आयतें हैं जिनसे मसाइल निकाले गये हैं ? 

जवाब - तमाम आयतों का तो इल्म नहीं अलबत्ता अल्लामा मुल्ला जीवन ने अपनी किताब तफ़सीरे अहमदी में पाँचसो आयतों को शुमार किया है । - ( तफ़सीर अहमदी ) 

सवाल – क्या कुरान पाक की तरह दूसरी आसमानी किताबें भी मुअजिज़ा ( खुदाई चमत्कार ) हैं ? 

जवाब – हाँ ग़ैब की ख़बरों पर मुश्तमिल होने की वजह से मुअजिज़ा हैं । अलबत्ता इन किताबों की नज़्मों तालीफ़ ( तरतीब ) कुरान की तरह मुअजिज़ा नहीं बर खिलाफ़ कुरान के नज़्म व तालीफ़ के एतेबार से भी मुअजिज़ा है । 
 ( एजाजुलकुरआन पेज 43 , तकमीलुल ईमान पेज 10 )

सवाल - क्या फ़रिश्ते भी कुरान पाक की तिलावत करते हैं ?

 जवाब - आम फ़रिश्तों को यह फ़ज़ीलत नहीं दी गई , अलबत्ता फ़रिश्तों को कुराने पाक सुन्ने का बहुत शौक है । जब कोई मुसलमान कुरान शरीफ़ पढ़ता है तो फ़रिशते उसके मुँह पर मुँह रखकर कुरान के पढ़ने की लज़्ज़त से फायदा उठाते हैं । 
  ( फ़तावा हदीसिया पेज 45 , अहकामे शरीअत 1 पेज 119 )

 सवाल - कुरान ने कितनी चीज़ों को अहसन ( अच्छा ) फरमाया ? 

जवाब - पाँच चीज़ों को , अव्वल अपने आपको , दूसरे इन्सानी शक्ल व सूरत को , तीसरे अज़ान को चौथे इस्लाम दीन को , पाँचवे यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के किस्से को । ( तफ़सीर नईमी पारा 12 पेज 368 )

 सवाल - हुजूर सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने काफ़िरों और मुश्रिकों को कुरान पाक से कितनी बार चैलेन्ज किया ? 

जवाब - चार बार चैलेन्ज किया , पहले पूरे कुरान से दिया जैसे यह आयत “ कुल लइनिज्तम अतिल इन्सो वल जिन्नो अला इंय्यातु बेमिस्लेहाज़ल कुरान “ दूसरे दस सूरतों से दिया जैसे “ कुल फअतू बिअश्रि - सुवारिम मिसलही मुफ़्त - र - यातिन " तीसरे सिर्फ एक सूरत से दिया जैसे “ फअतू बिसूरतिम मिममिस्लिही , " चौथे कुरान जैसी कोई एक ही बात लाने से दिया जैसे “ फलयातु बिहदीसिम मिस्लिही ।                       ( सावी 1 पेज 161 ) 

सवाल - क्या कुरान में नासिख़ और मनसूख़ भी हैं ?

 ( यानी एक आयत या सूरत का हुक्म दूसरी आयत या सूरत के हुक्म को ख़त्म करने वाला ) जवाब - हाँ दोनों हैं । कुछ आयतें नासिख़ और कुछ मन्सूख़ हैं जैसे सूरऐ काफ़िरुन और वह तमाम आयतें जिनमें जंग करने की पहल से रोका गया है , सबकी सब " फक्तुलुल मुश्रिकीना हैसो वजत्तुमूहुम से मन्सूख़ हैं । 
                                       ( तफ़सीर अहमदी पेज 14 )

 सवाल- कुरान में ऐसे कितने सवालात हें जिन्हें नबी सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम से पूछा गया और आपकी तरफ से रब ने । जवाब दिया ?

 जवाब - चौदह सवालात हैं , आठ तो सूरऐ बकर में और छः
 सवालात दूसरी सूरतों में हैं ( 1 ) रब कहाँ है । ( 2 ) चाँद क्यों घटता बढ़ता है ( 3 ) क्या खर्च करें , किस पर करें । ( 4 ) माहे हराम में लड़ने का क्या हुक्म है ? ( 5 ) शराब और जुऐ का क्या हुक्म है ? ( 6 ) क्या ख़र्च करें यानी कितनी मिक़दार ख़र्च करें ( 7 ) यतीमों के मालों को अपने माल से मिलाने का कया हुक्म है ? ( 8 ) हैज़ ( यानी एम ० सी ० ) का हुक्म क्या है ( 9 ) सूरऐ मायदा में है क्या - क्या चीज़ें हलाल हैं । ( 10 ) सूरऐ इनफाल में है , माले ग़नीमत ( जो माल जंग में हासिल हो ) का मालिक कौन है ? ( 11 ) सूरऐ बनी- इस्राईल में है कि रुह क्या चीज़ है ? ( 12 ) सूरऐ कहफ़ में है कि ( सिकन्दर ) जुलकरनैन के हालात क्या हैं ? ( 13 ) सूरऐ ताहा में है कि क़यामत के दिन पहाड़ों का क्या हाल होगा ? ( 14 ) सूरऐ नाज़िआत में है कि क़यामत कब के लिये ठहरी हुई है । 
                                      ( अलइतक़ान 1 पेज 197 )

सवाल- वह सूरतें या आयतें कौन सी हैं । जिनको लेकर हज़रत जिब्राईल के साथ और फ़रिश्ते भी आऐ ? 

जवाब - वह यह हैं ( 1 ) सूरऐ अनआम जिसको लेकर सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उतरे ( 2 ) सूरऐ फातिहा इस के साथ अस्सी हज़ार फ़रिश्ते उतरे ( 3 ) सूरऐ यूनुस इसके साथ तीस हज़ार फरिश्ते उतरे ( 4 ) “ वस्अल मन अरसल्ना मिन कुब्लिक मिर्रुसुलिना " इसके साथ बीस हज़ार फ़रिश्ते उतरे ( 5 ) " आयतुल कुर्सी " इसके साथ तीस हज़ार फ़रिश्ते नाज़िल हुऐ ( 6 ) सूरऐ कहफ़ इसको लेकर सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उतरे ।
 ( कन्जुल उम्माल 1 पेज 144 , अलइतकान 1 पेज 37 और 38 ) 

सवाल- वह कौनसी सूरतें हैं जिनके बारे में फरमाया गया कि आर्श के ख़ज़ाने से नाज़िल हुई ? 

जवाब - ( 1 ) सूरऐ फातिहा ( 2 ) आयतुलकुर्सी ( 3 ) सूरऐ बकर का आख़िर ( 4 ) सूरऐ कौसर । - ( कन्जुल उम्माल 1 पेज 495 )

 सवाल - वह दो सूरतें कौनसी हैं जिन्हें नूर कहा गया है और आप से पहले किसी नबी पर नाज़िल नहीं हुई ?

 जवाब - सूरऐ फातिहा और सूरऐ बकर की आख़री आयतें ।
                                      ( अलइतक़ान 1 पेज 38 ) 

सवाल - कुरान में लफ़्ज़े मुहम्मद और अहमद कितनी जगह पर आया है ? 

जवाब – लफ़्ज़े मुहम्मद चार जगह और अहमद एक जगह है ? ( कुरान मुक़द्दस ) 

सवाल - वह कौनसी औरत है जिसका नाम कुरान में साफ़ - साफ़ आया है ?

 जवाब- हज़रत मरयम । ( सावी 1 पेज 136 ) 

सवाल वह कौनसे सहाबी हैं जिनका नाम कुरान में साफ़ लफ़्ज़ों में आया है ?

 जवाब - हज़रत ज़ैद बिन हारिसा , बाक़ी इनके इलावा किसी सहाबी वा सहाबिया का साफ़ - साफ़ नहीं आया है । 
                                         ( ज़रक़ानी 3 पेज 305 ) 

सवाल - वह कौन एैसा बद बख़्त है जिसका नाम कुरान ने नहीं लिया बल्कि उसकी कुन्नियत ( उपधि नाम ) ज़िक फ़रमाया ?

 जवाब - अबु लहब है कि उसके इलावा कुरान में किसी की कुन्नियत ज़िक न फ़रमाई गई । ( अलइतक़ान 2 पेज 144 ) 

सवाल - क्या कुराने मुक़द्दस का हिफ़्ज़ करना फ़र्ज़ है ? 

जवाब - हाँ फ़र्ज़ किफ़ाया है । 
            ( फ़तावा रिज़विया जिल्द 10 निस्फ़ अव्वल पेज 104 )

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