सब नबियो के नाम और उनकी उम्र, की उम्र, उनके मजार. जाती कामो का बयान
(1) नबियों की उमरें और उनके मज़ारों का बयान
( अलैहिस्सलाम )
सवाल - हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - एक हज़ार साल ।
सवाल. - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब – इसमें इख्तिलाफ़ है , मिना में मस्जिदे खैफ़ से मिला हुआ । ( तफ़सीर अज़ीजी सूरऐ बकर पेज 172) या
अबु कुबैस के पहाड़ में , या सरान्दीप में । या फिर बैतुल मुक़द्दस में । ( ज़रक़ानी 1 पेज 65 , तबक़ात इब्ने सअद 1 पेज 24 )
सवाल - हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - एक हज़ार छ : सौ बरस
( उम्दतुलकारी 7 पेज 320 , अलमलफूज़ 1 पेज 74 )
सवाल- आप का मज़ारे शरीफ कहाँ पर है ?
जवाब . मक्के में ।
( अलबिदाया वन्निहाया 1 पेज 120 )
या मुल्के शाम के मकाम बकरक में । -
( रुहुल बयान 2 पेज 968 )
सवाल - हज़रज शीस अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - 912 साल ।
( ज़रकानी 1 पेज 65 )
सवाल – आपका मज़ारे शरीफ़ कहाँ है ?
जवाब - जबले अबी कुबैस में ,
( जरकानी 1 पेज 65 )
और कुछ लोग) हिन्दुस्तान के शहर अयोध्या में बताते हैं ।
( तफ़सीर नईमी पारा 3 पेज 664 )
सवाल - हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम किस उमर में आसमान पर उठाऐ गऐ ?
जवाब - 450 साल की उमर में ।
( सावी 3 पेज 73 )
सवाल - हज़रत हूद अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - चार सौ चौंसठ साल
(सावी 2 पेज 72 )
सवाल – आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - हज़र मौत में या मक़ामे इब्राहीम और ज़मज़म शरीफ के दरमयान ।
( ख़ाज़िन 2 पेज 207 )
सवाल- हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब अठावन साल ।
( ख़ाज़िन 2 पेज 213 )
या दो सौ अस्सीसाल
(सावी 2 पेज 73 )
सवाल - आपका मज़ारे मुबारक कहाँ है ?
जवाब - मक़ामे इब्राहीम और ज़मज़म शरीफ़ के दरमयान ।
( ख़ाज़िन 2 पेज 207 )
नोटः- सिर्फ़ हजरे असवद ( सन्गे असवद ) और ज़मज़म शरीफ़ के बीच में 70 नबियों के मज़ार हैं ।
( फुतावा रिज़विया 2 पेज 453 )
सवाल - हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की उम्र कितनी थी ?
जवाब - एक सो पछत्तर साल ।
( सावी 2 पेज 27 )
या दो सौ साल ।
( उम्दतुलकारी 7 पेज 345 )
सवाल - आपका मज़ार कहाँ है ?
जवाब- हिबरून में जो मुल्के फिलिस्तीन में है ।
( उम्दतुलकारी जिल्द 7 पेज 345 )
सवाल - हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - एक सौ तीस साल ।
( सावी 2 पेज 27 )
सवाल - आपका मज़ारे शरीफ़ कहाँ है ?
जवाब - सरज़मीने मक्का में मीज़ाबे रहमत के नीचे ।
( फ़तावा रिज़विया 2 पेज 453 )
सवाल- हज़रत इसहाक अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब- एक सौ अस्सी साल ।
( सावी 2 पेज 27 )
सवाल- आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - हिबरून में अपने वालिद के क़रीब ।
( उम्दतुलकारी जिल्द 7 पेज 373 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - अपने वालिद के क़रीब ।
( अलबिदाया वन्निहाया 1 पेज 175 )
सवाल - हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - एक सौ बीस साल ।
( सावी 2 पेज 27 ) ( उम्दतुलकारी ज़िल्द 7 पेज 373 )
सवाल - याकूब अलैहिस्सलाम की उम्र कितनी थी ?
जवाब- एक सौ पैंतालीस साल ।
( ख़ज़ाईन 358 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ हैं ?
जवाब - हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम के पहलू में ।
( ख़ज़ाइन पेज 358 )
सवाल - पहले आपको कहाँ दफ़्न किया गया था ?
जवाब- आपके इन्तेक़ाल के बाद बनी इस्राईल क़बीलों में इख़्तिलाफ़ पैदा हुआ हर क़बीला चाहता था कि उसके मुहल्ले में दफ़्न हो । ताकि आप से फैज़ मिलता रहे । आखिर इस इख्तिलाफ का हल यह निकाला गया कि दरयाऐ नील में दफ़नाऐ जाऐं ताकि उसके पानी से सब फैज़ पाते रहें उन लोगों ने आपको संगे मर - मर के सन्दूक में रखकर दरयाऐ नील में दफ़न कर दिया , फिर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने तक़रीबन चार सौ साल बाद वहाँ से उठाकर आपके वालिद के बग़ल में । दफ़न किया ।
( ख़ज़ाइन पेज 358 )
सवाल - हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - तिरेसठ साल
( सावी 2 पेज 27 )
या तिरानवे साल ।
( उम्दतुल क़ारी 2 पेज 51 )
सवाल- आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - मुल्के शाम के एक गाँव में । ( उम्दतुल क़ारी 2 पेज 51 )
सवाल- हजरत शोएब अलैहिस्सलाम की उम्र कितनी थी ?
जवाब - एक सौ चालीस साल । ( उम्दतुल कारी 7 पेज 415 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - - मक्का मुकर्रमा में । ( उम्दतुल कारी 7 पेज 415 )
सवाल - हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब एक सौ बीस साल । ( सावी 1 पेज 29 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - मैदाने तीह में जो मुल्के फ़िलिस्तीन में है ।
( उम्दतुल कारी 4 पेज 166 )
सवाल - हज़रत हारुन अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - तकरीबन एक सौ चोबीस साल ।
( तफ़सीरजुमल 3 पेज 67 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - मैदाने तीह में। ( ज़रक़ानी 2 पेज 19 )
या उहद पहाड़ में । ( जज़्बुल कुलूब पेज 55 )
सवाल - हज़रत यूशअ अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - एक सो छब्बीस साल ।
( सावी 1 पेज 242 )
सवाल - आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - जबले इब्राहीम ( इब्राहीम पहाड़ ) में ।
( सावी 1 पेज 242 )
सवाल- हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - 100 साल ।
सवाल- आपका मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब - बैतुल मुक़द्दस में । ( किससुल अंबिया पेज 267 )
सवाल - हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम की उमर कितनी थी ?
जवाब - तिरेपन साल । ( ख़ाज़िन व मआलिम 5 पेज 235 )
सवाल - हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम का मज़ार पाक कहाँ है ?
जवाब - मक़ामे नैनवा में । ( आईन - ए - तारीख़ पेज 123 )
सवाल- हज़रत उज़ैर अलैहिस्सलाम का मज़ारे पाक कहाँ है ?
जवाब – दमिश्क में । ( आईन - ए- तीरख पेज 136 )
सवाल - आख़री नबी हुजूर सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम की उमर कितनी थी ?
जवाब - तिरेसठ साल । - ( सावी 2 पेज 27 ) ( मसनद इमामे आजम पेज 112 )
सवाल- आपका मुबारक मज़ार शरीफ़ कहाँ है ?
जवाब- मदीना मुनव्वरह में गुम्बदे ख़ज़रा के अन्दर । ( आम किताबें )
(2) अंबिया ऐ किराम के जाती कामों का बयान
सवाल- हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने कौन से काम किये ?
जवाब - आपने खेती बाड़ी की है और कपड़े भी बुने हैं । -
( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बक़र पेज 170 , अलबिदाया वन्निहाया 1 पेज 80 )
नोटः- मुफस्सिर हज़रात फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने सिर्फ हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को कारोबार के एक हज़ार हुनरों की तालीम दी थी । ( रुहुल बयान 1 पेज 69 )
सवाल- हजरत इदरीस अलैहिस्सलाम ने कौन से काम किये हैं ?
जवाब - आपने कपड़े सीने का काम किया है ( तफ़सीर अज़ीज़ सूरऐ वकर पेज 170 )
सवाल - हज़रत नूह अलैहिस्सलाम क्या काम करते थे ?
जवाब - लकड़ी का काम । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल- हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने कौनसे काम किये हैं ?
जवाब - खेती बाड़ी और कपड़े की तिजारत । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बक़र पेज 170 , अलजुवैरतुलमोनीफह पेज 17)
सवाल- हज़रत हूद अलैहिस्सलाम और हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने कौनसे काम किये हैं ?
जवाब - तिजारत । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बक़र पेज 170 )
सवाल – हज़रत लूत अलैहिस्सलाम क्या काम करते थे ?
जवाब - खेती बांड़ी । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल - हज़रत इस्माईल अलैहिस्लाम क्या काम करते थे ?
जवाब - तीर कमान से हलाल जानवरों का शिकार । - ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 402 )
सवाल - हज़रत इसहाक अलैहिस्सलाम क्या करते थे ?
जवाब – चोबानी । ( आइन - ए तारीख़ पेज 84 )
सवाल - हज़रत शुएैब अलैहिस्सलम क्या करते थे ?
जवाब- मवेशी पालते थे। ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल – हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने कौनसे काम किये हैं ?
जवाब – कुछ दिनों हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम के यहाँ । बकरियाँ चराईं । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल - हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम क्या काम करते थे ?
जवाब - ज़िरह ( जंगी लिबास ) बनाते थे । ( तफ़सीरे अज़ीज़ी सूरऐ बक़र पेज 170 )
सवाल - हज़रात सुलैमान अलैहिस्सलाम क्या काम करते थे ?
जवाब - दरख़्तों के पत्तों से जंबील , चटाई , पन्खे बनाते थे ।
( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बक़र पेज 170 )
सवाल- हज़रत ज़करया अलैहिस्सलाम क्या काम करते थे ?
जवाब - लकड़ी का काम करते थे । - ( अलबिदाया वन्निहाया जिल्द 2 पेज 49 )
सवाल - हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम क्या करते थे ?
जवाब - सय्याही यानी सैर । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल - हुजूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने कौन से काम किये हैं ?
जवाब - पहले तिजारत फिर जिहाद । ( तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बकर पेज 170 )
सवाल - हमारे नबी कौन है और उनका कुछ हाल बयान कीजिए?
जवाब : - हमारे नबी हज़रत मुहम्मद मुसतफ़ा सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम हैं , जो 12 रबीउल अव्वल मुताबिक 20 अप्रैल सन् 571 ई 0 में मक्का शरीफ़ में पैदा हुए उनके वालिद का नाम हज़रते अब्दुल्लाह और वालिदा का नाम हज़रतें आमिना है ( रज़ियल्लाहु तआला अनहुमा ) आप की ज़ाहिरी ज़िन्दगी तिरसठ ( 63 ) बरस की हुई तिरंपन ( 53 ) बरस की उम्र तक मक्का शरीफ़ में रहे फिर दस साल मदीना तैयिबा में रहे 12 रबीउल अव्वल सन् 11 हिजरी मुताबिक 12 जून सन् 632 ई ० में वफ़ात पाई , आपका मज़ारे मुबारक मदीना शरीफ में है । जो मक्का शरीफ़ से तक़रीबन 320 किलो मीटर उत्तर है ।
सवाल : - हमारे नबी की कुछ खूबियां बयान कीजिए ?
जवाब : - हमारे नबी सैयिदुल अंबिया और नबीयुल अंबिया हैं । यानी अंबियाएकिराम के सरदार हैं और तमाम अबिया हुजूर के उम्मती हैं । आप खातमुन्नबीईन हैं यानी आप के बाद कोई नबी नहीं पैदा होगा जो शख़्स आप के बाद नबी होने को जाइज़ समझे वह काफ़िर है सारी मखलूकात खुदायेतआला की रज़ा चाहिती है और खुदायेतआला हुजूर की रजा चाहता है । हुजूर की फ़रमांबरदारी अल्लाहतआला की फरमाबरदारी है ज़मीन व आसमान की सारी चीजें आप पर जाहिर थीं दुनियां के हर गोशे और हर कोने में क़ियामत तक जो कुछ होने वाला है हुजूर उसे इस तरह मुलाहिजा फ़रमाते हैं जैसे कोई अपनी हथेली देखें , ऊपर नीचे आगे और पीठ के पीछे यकसां देखते थे । आप के लिए कोई चीज़ आड़ नहीं बन सकती हुजूर जानते हैं कि ज़मीन के अन्दर कहां क्या हो रहा है । खुशू जो दिल की एक कैफियत का नाम है हुज़र उसे भी मुलाहजा फरमाते हैं , हमारे चलने फिरने उठने बैठने और खाने पीने वगैरा हर क़ौल व फेल की हुजर को हर वक्त खबर है ।
सवाल : - क्या हमारे नबी जिन्दा हैं ?
जवाब : - हमारे नबी और तमाम अंबियाये किराम अलैहिमुस्सलातु वस्सलाम जिन्दा हैं । हदीस शरीफ़ में है कि सरकारे अक़दस सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने फरमाया कि खुदायेतआला ने ज़मीन पर अंबियाये किराम अलैहिमुस्सलाम के जिस्मों को खाना हराम फरमा दिया है । तो अल्लाह के नबी ज़िन्दा हैं रोज़ी दिये | जाते हैं , ( मिश्कात 121 पृ ० )
सवाल : - जो शख़्स अंबियाए किराम के बारे में कहे कि मर कर मिट्टी में मिल गए तो उसके लिए क्या हुक्म है ?
जवाब : - ऐसा कहने वाला गुमराह बदमज़हब खबीस है ।
नोट प्यारे नाजरीन हमारे हिंदी इस्लामिक नॉलेज वेबसाइट पर हर तरह की नॉलेज आपको इस्लामिक मिलेंगी आपको जिस तरह की नॉलेज इस्लामी चाहिए हमें कमेंट करके बताएं इंशाल्लाह आपको तक जरूर पहुंचाएंगे हमारी वेबसाइट को फॉलो करें ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करें

टिप्पणियाँ