Ayat e karima in hindi आयत ए करीमा हिंदी में
ला इलाहा इल्ला अन्ता सुब्हानका इन्नी कुंतु मिनाज़ ज़ालिमिन
आयत ए करीमा हिंदी में
यह वजीफा सबसे ज्यादा पावरफुल सबसे ज्यादा ताकतवर वजीफा है इसको आयते करीमा के नाम से जाना जाता है और तस्वीह ये यूनुस के नाम से भी जाना जाता है यह बहुत ज्यादा मशहूर है
इस वजह से के बारे में अगर आपको पता चल जाए इस वजीफे की फजीलत क्या है इस वजीफा को किस-किस मकसद के लिए पढ़ा जाता है और इस वजीफे को किस तरह पढ़ना है बहुत ज्यादा फायदा हासिल है इंशा अल्लाहु रहमान और कभी भी ना काम नहीं होंगे अल्लाह ताला आपकी हर एक मकसद को कामयाब जरूर फरमाएगा
इस तस्वीह के बारे में अल्लाह ताला कुरान पाक में फरमाता है सूरत अंबिया आयत नंबर 87 आयत नंबर 88 के जुन्नून को याद करो यानी मछली वाले हजरत यूनुस अलैहिस सलाम को कहा जाता है अल्लाह तबारक ताला खुद फरमाता है कि ज़ुन्नून को याद करो
जब वो गुस्से में चला गया उसने सोचा कि हमारा उसे पर कोई अख्तियार नहीं था लेकिन उसने अंधेरों की गहराइयों में पुकारा तेरे सिवा कोई माबूद नहीं है तेरी शान में वाकई ही मैं ही सादिक व मैं ही गलत था और हमने उसकी बातें मान ली और उसे तंगी से निजात दी और इसी तरह ईमान वालों को निजात देता है यही तस्वीह हजरत यूनुस अलैहिस्सलाम के लिए मकसूद नहीं है तमाम ईमान वालों के लिए है
आप इस तस्वीह को किन-किन मकसद के लिए पढ़ सकते है
(1) किसी भी जाए जरूरत को पूरा होने के लिए
(2) किसी भी मुश्किल को काबू पाने के लिए चाहे कितने भी सख्त मुश्किल हो
(3)शादी विहा के मसाइल को हल करने में चाहे लड़की की शादी हो चाहे लड़के की शादी
(4) भारी कर्जो को पूरा करने में कर्ज की अदाएगी के लिए बहुत ज्यादा कर्ज है आपके ऊपर या फिर गुरवत वाली माली मसाइली पर काबू पाना है और अमीरी दौलत के लिए इस अमल को कर सकते हैं
(5) दुश्मन को जेर करने के लिए और दुश्मनों की साजिश नाकाम बनाने के लिए
(6) अच्छी नौकरी बा रोजगार की तलाश के लिए
(7 )अदालत का मुकदमा जीतने के लिए
(8) कैद से रिहाई के लिए
(9) बच्चों के हुसोल के लिए यानी जिनकी शादी के काफी दिन गुजर चुके हैं लेकिन औलाद की नियत उसको नहीं मिल रही है वो लोग इस तस्वीह को करें इस अमल को करें और मैं आपको पूरी तरतीब बताता हूं आप इस अमल को पूरा पढ़ें
(10) काहेेद और खुश्क साली पर काबू पाने के लिए
(11) बारिश के लिए
(12) दुश्मनों व जालिम लीडर को सख्त देने के लिए और उन पर काबू पाने के लिए
(13) मोहलिक ला इलाज बीमारी के लिए
(14 )किसी भी किसम का जादू का इलाज के लिए
(15) जिस्म व घरों से सैयातीन असरात को खत्म करने के लिए (16) जादू ग्रहों और जो उनकी टीम को तबाह करने में उनके जादू को खत्म करने के लिए और नाकाम बनाने के लिए
(17 )इसके अलावा बहुत सारी चीज होती हैं Inni kuntu minaz-zalimin इसमें माफी मांगना है यकीन मैं जालिमो में से हूं
गुनाहों के एेतरमों पर समझौता करना है इसके नतीजे में माफी की आजी जाना माफी दरखास्त शामिल है यानी अल्लाह के सामने आजिस होकर यानी छोटा बन जाना अल्लाह तबारक ताला को यह अदा इतना पसंद है इतना पसंद है जब कोई बंदा अल्लाह तबारक ताला के सामने अजिस होकर मांगता है अल्लाह तबारक ताला उसको जरूर आता फरमाता है और डेफिनिटी आता फरमाता है इसमें सक की कोई गुंजाइश नहीं
अल्लाह तबारक ताला कुरान में ऐलान फरमाता है अल्लाह तबारक ताला तौबा करने वालों को से मोहब्बत करता है और पाकीज़ग इख्तियार करने वालों से मोहब्बत करता है और यकीनन अल्लाह तबारक तालाब इनसे मोहब्बत करता है वो ही है जो अपनी रहमत से नवाजेगा रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो शख्स अल्लाह तबारक ताला से इस्ताखफार करता है तौबा करता है अल्लाह तबारक ताला उसे माफ कर देता है उसके लिए हर तंगी से निकलने का रास्ता बना देता है चाहे किसी भी तंगी में ममुब्तला हो परेशानी से निजात देता है चाहे कितनी ही सख्त परेशानी में मुब्तला हो उसे ऐसी जगह से रिज्क देता है जहां से उसे बंदे का कोई गुमान नहीं होता ।
इससे हम यह नतीजा निकल सकते हैं इस्तखफार का अमल मुसीबत पर काबू पाने दोनों जहानों में अजीम बड़ी
कामयाबी हासिल करने में बहुत जरूरी है यह वो दुआ है इसके जरिए से हजरत यूनुस अलैहिस्सलाम ने तीन अंधेरों से अल्लाह तबारक ताला को पुकारा वह आयत यह है
( La ilaha illa Anta subhanaka inni kuntu Minaz-zalimin )
हिंदी में
( ला इलाहा इल्ला अन्ता सुब्हानका इन्नी कुंतु मिनाज़ ज़ालिमिन )
इसका तर्जुमा यह है तेरे सिवा कोई माबूद नहीं तू बहुत बुलंद मर्तबा वाला है तमाम कमजोरी से वाला तार है और मैं ही सादिक था मैं ही गुनहगार था रसूल अल्लाह सल्लल्लाहो वसल्लम ने फरमाया अगर कोई मुसलमान अपनी बीमारी में यह कालीमत 40 मर्तबा रोजाना पड़े फिर अगर उसे बीमारी में मर जाए तो उसे शाहिद का सबाव मिलता है और उसे बीमारी से उसकी सेहत मिल जाए सेहतयाव हो जाए तो उसके तमाम गुना माफ हो जाते हैं वजीफा का तरीका क्या है किसी भी मुश्किल को हल करने या किसी भी मुश्किल को दूर करने के लिए किसी भी मकसद में कामयाबी के लिए इस वजीफे को करने में पहले उसे मकसद की नियत करें जिस मकसद को पूरा होने के लिए काम को पूरा करने के लिए इस वजीफे को पढ़ना चाहते हो उसकी तस्वीह यूनुस को जिस वक्त हो सके लगातार पढ़ाना चाहे यहां तक के आपका मसला हल न हो जाए।
अगर कोई शख्स काला जादू मंत्र या जन्नत सायतिनी किसी भी असर में मुब्तला या फिर ला इलाज बीमारी में मुमुब्तला और उसे यह मालूम न हो क्या करना है और इसकी मदद करने वाले करने न हो उसे शख्स को चाहे रोजाना हर फर्ज नमाज के बाद अपना सीधा हाथ सीने पर रखें और इससे कालीमत को पढे
तीन मर्तबा दुरूद ए पाक पढे चाहे कोई सी भी दरूदे पाक हो चाहे दुरूद इब्राहिम हो या दुरुद रसूल पाक
फिर यह पढे
La ilaha illa Anta subhanaka inni kuntu Minaz-zalimin ( ला इलाहा इल्ला अन्ता सुब्हानका इन्नी कुंतु मिनाज़ ज़ालिमिन )
40 मर्तबा पढ़कर उसे पर फूंक मारे अगर खुद के लिए पढ रहे हैं तो अपने ऊपर फूंक मारे यानी अपने हाथों पर तीन मर्तबा दम करे फिर उसके बाद पूरे हाथ शरीर पर अपने हाथों को अपने पूरे जिस्म पर फेर ले इंशा अल्लाहु रहमान इससे न सिर्फ आपका इनाम मजबूत होगा बल्कि आपके जिस्म में तमाम चीजे तमाम किस्म की जिन्नाती सयातीनी अखरात निकलकर बाहर हो जाएंगे अल्लाह तबारक ताला आपको शिफा अता फरमा देगा
हिफाजती ढाल बन जाएगा किसी किस्म के जादू असरात या जन्नत काम नहीं करेगा तमाम मकसद की कामयाबी के लिए मैंने ऊपर लिखा है फिर उन मकाजिव के अलावा और कोई मसले हैं उसके हल के लिए तकरीबन 125000 मर्तबा यानी (एक लाख पच्चीस हजार)किसी खास मिकदार और नियत के साथ एक मुद्दत में पढ़ने में मुस्तामिल है यह अमल एक अकेला आदमी कई दिनों कई हफ्तों में कर सकता है
यह अमल पढ़ने से पहले आप पूरा करने के लिए एक टारगेट बना ले कि हम एक दिन में कितनी बार पढ़ना है जब तक पड़े जब तक 125000 की गिनती पूरी ना हो यह गिनती औलियाएं इकराम ने तजुर्बे के बिना मुकर्रर की है माशा अल्लाह बहुत से लोग इस अमल से बहुत ज्यादा फायदा हासिल किया है और आज भी बहुत सारे लोग फायदा हासिल उठा रहे हैं अल्लाह तबारक ताला कामयाबी अता फरमा रहा है इस अमल से कोई भी जरूरत पूरी हो सकती है या कोई भी मसला हल हो सकता है यह अमल आपकी सहूलियत के हिसाब से पूरा करें कि इस कितनो दिनों में पूरा कर सकते हैं हमारी यह दुआ है इस अमल से अल्लाह तबारक ताला आपको जरूर कामयाब अता फरमाएगा
125000 बार इसका व्रत करें और कमाल देखें तमाम मुश्किलात का हाल है

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